Monday, January 26, 2026

नूरपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस समारोह

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 26 जनवरी  
उपमंडल स्तरीय 77वां गणतंत्र दिवस समारोह स्थानीय राजकीय आर्य डिग्री कॉलेज परिसर में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में उपमंडलाधिकारी अरुण शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड व होमगार्ड की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली।
इस अवसर पर एसडीएम अरुण शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 भारतीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक दिन है, जब देश ने अपना संविधान लागू कर स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया।
उन्होंने कहा कि संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित संविधान आज भी देश की एकता और अखंडता का मजबूत आधार है। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, हिमाचली नाटी, पंजाबी गिद्दा एवं देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
समारोह के अंत में एसडीएम अरुण शर्मा द्वारा मार्च पास्ट एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में एसपी कुलभूषण वर्मा,डीएसपी चंद्रपाल, तहसीलदार राधिका सैनी,एसएचओ सुरिंदर धीमान,एनपीएस स्कूल के प्रिंसिपल अरविंद डोगरा, बॉयज स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता सागर ,बीटीसी गर्ल्स स्कूल के प्रिंसिपल केसी दयोल सहित विभिन्न स्कूलों के बच्चे, अभिभावक तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

औद्योगिक इकाइयाँ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका: राधिका सैनी

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 26 जनवरी 2026
 
गणतंत्र दिवस के अवसर पर तहसीलदार नूरपुर, राधिका सैनी ने प्रमुख व्यापारिक कस्वा जसूर स्थित काशवी इंटरप्राइजेज में  मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं। इस अवसर पर काशवी इंटरप्राइजेज के संचालक सन्नी नागर एवं उनकी पत्नी रसीका नागर ने तहसीलदार राधिका सैनी का स्वागत किया।
दौरे के दौरान तहसीलदार राधिका सैनी ने इकाई में कार्यरत महिलाओं से मुलाकात की और उनके कार्य, कार्य वातावरण तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
तहसीलदार राधिका सैनी ने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक इकाइयाँ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा रही हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
इस अवसर पर काशवी इंटरप्राइजेज के संचालक सन्नी नागर ने बताया कि भविष्य में जसूर क्षेत्र में और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को लाभ मिलेगा।

Thursday, January 1, 2026

माइनिंग बेल्ट को प्राथमिकता, शेष पंचायतें उपेक्षित: नूरपुर में विधायक निधि पर सवाल

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 01 जनवरी 2026 
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के कथित असमान वितरण को लेकर रणजीत बख्शी जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकिल बख्शी ने विधायक रणबीर सिंह निक्का पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अकिल बख्शी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर विधायक निधि के उपयोग में अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नूरपुर की कुछ पंचायतों को लाखों रुपये की विधायक निधि प्रदान की गई, जबकि कई पंचायतों को एक रुपया भी नहीं मिला। अकिल बख्शी के अनुसार माइनिंग बेल्ट से जुड़ी चार पंचायतों को एक ही वर्ष में विधायक निधि से 36 लाख रुपये दिए गए, जबकि दूसरी ओर 25 पंचायतों को कुल मिलाकर केवल 30 लाख रुपये ही आवंटित किए गए। इस हिसाब से प्रति पंचायत औसतन मात्र 1 लाख 20 हजार रुपये ही मिले।
अकिल बख्शी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक रणबीर सिंह निक्का ने अपने निजी व्यापारिक हितों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग पर माइनिंग से जुड़ी नई नीति बनाने और खनन क्षमता बढ़ाने का दबाव बनाया, जिससे अवैध खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने विधायक द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र में दर्शाई गई निजी संपत्तियों पर भी सवाल खड़े किए। अकिल बख्शी का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में कोई भी नई विकास योजना नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक प्राथमिकता योजना के तहत एक भी प्रस्ताव विधायक की ओर से नहीं भेजा गया, जिसके चलते नूरपुर को लगभग 16 विकास परियोजनाओं का नुकसान हुआ है।