Sunday, April 19, 2026

झोलाछाप इलाज आपके घुटनों को और बिगाड़ सकता है: डॉ. कार्तिक सैनी

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 19 अप्रैल 2026 
नूरपुर के सिविल अस्पताल के ऑर्थो विशेषज्ञों ने लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि बिना योग्य डॉक्टर की सलाह के मालिश, गलत इंजेक्शन या तथाकथित देसी उपचार अपनाना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे न केवल दर्द बढ़ता है, बल्कि स्थिति गंभीर हो जाती है और ठीक होने में अधिक समय लगता है। कई मामलों में स्थायी नुकसान तक हो सकता है।
इधर, सिविल अस्पताल नूरपुर की ऑर्थो ओपीडी में घुटनों के दर्द और अकड़न से परेशान मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में कार्यरत ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक सैनी के अनुसार, 50 से 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है।
डॉ. कार्तिक सैनी ने बताया कि घुटने का गठिया, जिसे ऑस्टियोआर्थराइटिस कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जिसमें घुटनों की कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। इसके कारण हड्डियों के बीच रगड़ बढ़ जाती है और मरीज को दर्द, सूजन तथा चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है।
डॉ. सैनी के अनुसार इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में लगातार दर्द रहना, सूजन आना, घुटनों में अकड़न महसूस होना, चलने में परेशानी होना, घुटने का डगमगाना, अचानक लॉक हो जाना और समय के साथ टेढ़ापन आना शामिल है। यह समस्या बढ़ती उम्र, मोटापा, पुरानी चोट, पारिवारिक इतिहास और महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है।
इलाज को लेकर फैली गलतफहमियों पर भी डॉ. सैनी ने स्पष्ट किया कि शुरुआती अवस्था में वजन कम करना, नियमित व्यायाम और दवाइयों से राहत मिल सकती है, लेकिन उन्नत स्थिति में घुटना प्रत्यारोपण एक प्रभावी और स्थायी विकल्प होता है। 
उन्होंने कहा कि सर्जरी को टालना हमेशा सही नहीं होता, जरूरत पड़ने पर समय पर ऑपरेशन कराना बेहतर रहता है। दवाइयां केवल अस्थायी राहत देती हैं और तेल, मालिश या एक्यूप्रेशर से स्थायी इलाज संभव नहीं है। अधिक उम्र में सर्जरी असुरक्षित होने की धारणा भी गलत है, क्योंकि फिट मरीजों में यह पूरी तरह सुरक्षित होती है। आधुनिक तकनीक के कारण ऑपरेशन के दौरान और बाद में दर्द को नियंत्रित किया जाता है और मरीज कुछ ही हफ्तों में सामान्य जीवन में लौट सकता है।
डॉ. कार्तिक सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि सिविल अस्पताल नूरपुर में घुटना और हिप प्रत्यारोपण की सर्जरी नियमित रूप से की जा रही है। बीते एक वर्ष में यहां करीब 45 से 50 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जिनमें 67 वर्षीय मरीज का घुटना प्रत्यारोपण भी शामिल है।
डॉ. सैनी ने लोगों से अपील की है कि समय पर योग्य विशेषज्ञ से उपचार करवाएं। सही इलाज न केवल दर्द से राहत दिलाता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।

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